
माँ ब्रह्मचारिणी पूजन
"दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥"
माँ ब्रह्मचारिणी पूजा विधि
वैदिक मंत्रोच्चार व चरणबद्ध पूजन विधान
आचमन, शुद्धि व दीप प्रज्वलन
सर्वप्रथम माता के सम्मुख दीपक प्रज्वलित करें एवं आत्मशुद्धि का आचमन करें।
माँ ब्रह्मचारिणी का ध्यान व आवाहन
माता के तपस्वी स्वरूप का ध्यान करें, जिनके दाहिने हाथ में जपमाला और बाएं हाथ में कमण्डल है।
पंचामृत अभिषेक व वस्त्र अर्पण
माता को पंचामृत से स्नान कराकर श्वेत अथवा पीले वस्त्र व मौली अर्पित करें।
शक्कर, मिश्री व फल नैवेद्य
माँ ब्रह्मचारिणी को शक्कर, सफेद मिष्ठान्न अथवा पंचामृत का विशेष भोग लगाएं।
माँ ब्रह्मचारिणी पावन व्रत कथा
माता ब्रह्मचारिणी के कठोर तप और शिव प्राप्ति की दिव्य कथा का श्रवण करें। यह कथा जीवन में संयम, त्याग और सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है।
मंत्र जाप व स्तोत्र पाठ
रुद्राक्ष माला से देवी ब्रह्मचारिणी के सिद्ध मंत्र का १०८ बार जाप करें: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः इसके उपरांत ब्रह्मचारिणी स्तोत्र का पाठ करें।
कर्पूर महाआरती व प्रसाद
दीपक व कर्पूर प्रज्वलित कर परिवार सहित माँ भगवती की महाआरती करें एवं शक्कर-मिश्री का पावन प्रसाद वितरित करें।