
माँ ब्रह्मचारिणी पूजन
"दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥"
शुभ मुहूर्त11:48 AM – 12:37 PM
01घं
:34मि
:05से
१. शुभ रंग
Pure White
२. पावन भोग
शक्कर व पंचामृतव मौसमी फल
३. प्रिय पुष्प
कमल व गुड़हलश्वेत पुष्प
माँ ब्रह्मचारिणी पूजा विधि
वैदिक मंत्रोच्चार व चरणबद्ध पूजन विधान
१
आचमन, शुद्धि व दीप प्रज्वलन
सर्वप्रथम माता के सम्मुख दीपक प्रज्वलित करें एवं आत्मशुद्धि का आचमन करें।
२
माँ ब्रह्मचारिणी का ध्यान व आवाहन
माता के तपस्वी स्वरूप का ध्यान करें, जिनके दाहिने हाथ में जपमाला और बाएं हाथ में कमण्डल है।
३
पंचामृत अभिषेक व वस्त्र अर्पण
माता को पंचामृत से स्नान कराकर श्वेत अथवा पीले वस्त्र व मौली अर्पित करें।
४
शक्कर, मिश्री व फल नैवेद्य
माँ ब्रह्मचारिणी को शक्कर, सफेद मिष्ठान्न अथवा पंचामृत का विशेष भोग लगाएं।
५
स्तोत्र पाठ व महाआरती
ब्रह्मचारिणी स्तोत्र का पाठ कर कर्पूर आरती करें एवं दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त करें।