दिवस ३ (९ में से)
माँ चंद्रघंटा

माँ चंद्रघंटा पूजन

"पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥"

शुभ मुहूर्त11:42 AM – 12:26 PM
01घं
:
34मि
:
05से
१. शुभ रंग
Vermillion Red
२. पावन भोग
दूध की खीरव मावे का प्रसाद
३. प्रिय पुष्प
लाल गुलाबव कनेर पुष्प

माँ चंद्रघंटा पूजा विधि

वैदिक मंत्रोच्चार व चरणबद्ध पूजन विधान

6 चरण
१

घंटा नाद व वातावरण शुद्धि

मंदिर में घंटा बजाकर नकारात्मक ऊर्जा दूर करें एवं धूप-दीप प्रज्वलित करें।

२

माता चंद्रघंटा का आवाहन व सिंदूर अर्पण

माता को लाल सिंदूर, अक्षत और लाल गुलाब के पुष्प श्रद्धापूर्वक अर्पित करें।

३

दूध की खीर का पावन भोग

माता चंद्रघंटा को गाय के दूध की खीर अथवा मखाना खीर का भोग अर्पित करें।

४

माँ चंद्रघंटा पावन व्रत कथा

मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र धारण करने वाली माँ चंद्रघंटा की पावन कथा का श्रवण करें, जिससे समस्त भय, बाधाएं और मानसिक अशांति दूर होती है।

५

चंद्रघंटा कवच व मंत्र पाठ

भय मुक्ति और साहस वृद्धि हेतु माँ चंद्रघंटा के सिद्ध मंत्र का 108 बार जाप करें: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ चन्द्रघण्टायै नमः

६

आरती व शांति पाठ

परिवार सहित घंटी व शंखनाद के साथ माँ की पावन आरती गाएं और दूध की खीर का प्रसाद वितरित करें।

नवदुर्गा परिक्रमा • ९ पावन स्वरूप

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