
माँ कात्यायनी पूजन
"चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥"
शुभ मुहूर्त11:43 AM – 12:26 PM
01घं
:34मि
:05से
१. शुभ रंग
Vibrant Green
२. पावन भोग
शहद व हलवाव गुड़ का नैवेद्य
३. प्रिय पुष्प
लाल व पीले पुष्पगुड़हल व गेंदा
माँ कात्यायनी पूजा विधि
वैदिक मंत्रोच्चार व चरणबद्ध पूजन विधान
१
महिषासुरमर्दिनी स्वरूप ध्यान
सिंह पर आरूढ़ होकर असुरों का संहार करने वाली माँ कात्यायनी का स्मरण करें।
२
शहद व सुगंधित इत्र अर्पण
माँ को शुद्ध शहद और गुलाब इत्र अर्पित करने से आकर्षण और यश की वृद्धि होती है।
३
माँ कात्यायनी पावन व्रत कथा
महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रकट होकर महिषासुर का संहार करने वाली माँ कात्यायनी की शौर्यगाथा का श्रवण करें।
४
कात्यायनी मंत्र जाप व स्तुति
विवाह बाधा निवारण व अभीष्ट सिद्धि हेतु माँ के सिद्ध मंत्र का १०८ बार जाप करें: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ कात्यायन्यै नमः
५
माँ कात्यायनी महाआरती
आरती की थाली सजाकर दीप प्रज्वलित करें, माँ कात्यायनी की आरती करें और शहद का पावन भोग लगाएं।