दिवस ५ (९ में से)
माँ स्कन्दमाता

माँ स्कन्दमाता पूजन

"सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥"

शुभ मुहूर्त11:43 AM – 12:26 PM
01घं
:
34मि
:
05से
१. शुभ रंग
Golden Yellow
२. पावन भोग
केला व शहदव मौसमी फल
३. प्रिय पुष्प
पीला गुड़हलव गेंदे के फूल

माँ स्कन्दमाता पूजा विधि

वैदिक मंत्रोच्चार व चरणबद्ध पूजन विधान

6 चरण
१

भगवान कार्तिकेय व स्कन्दमाता ध्यान

गोद में बालमुरुगन (स्कंद) लिए माता के वात्सल्यमय स्वरूप का ध्यान करें।

२

पीले पुष्प व वस्त्र अर्पण

माता को पीले पुष्प, हल्दी, अक्षत व पीले वस्त्र अर्पित करें।

३

केले व केसरिया खीर का भोग

माँ स्कन्दमाता को पके केले और केसर युक्त प्रसाद का नैवेद्य लगाएं।

४

माँ स्कन्दमाता पावन व्रत कथा

तारकासुर वध हेतु कार्तिकेय (स्कंद) को जन्म देने वाली वात्सल्यमयी स्कन्दमाता की पौराणिक कथा का श्रवण करें।

५

स्कन्दमाता मंत्र जाप व स्तोत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ स्कन्दमात्रे नमः मंत्र का १०८ बार जाप करें एवं स्तोत्र का पाठ करें।

६

महाआरती व पुष्पार्पण

पीले पुष्प अर्पित करते हुए माँ स्कन्दमाता की आरती गाएं व भोग सपरिवार वितरित करें।

नवदुर्गा परिक्रमा • ९ पावन स्वरूप

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