
माँ कालरात्रि पूजन
"एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥"
शुभ मुहूर्त11:47 AM – 12:35 PM
01घं
:34मि
:05से
१. शुभ रंग
Grey Ember
२. पावन भोग
गुड़ व नैवेद्यव तिल के लड्डू
३. प्रिय पुष्प
रात की रानीव गुड़हल के पुष्प
माँ कालरात्रि पूजा विधि
वैदिक मंत्रोच्चार व चरणबद्ध पूजन विधान
१
अंधकार नाशिनी माँ कालरात्रि ध्यान
माँ कालरात्रि के रौद्र किंतु भक्तों के लिए शुभंकरी स्वरूप का ध्यान करें।
२
गुड़ व तिल नैवेद्य अर्पण
संकटों से मुक्ति हेतु माँ को शुद्ध गुड़ व तिल की मिठाई का भोग लगाएं।